कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग के आरोप कलेक्टर, एसपी से की शिकायत
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Betul Mirror News। बडोरा में ज़मीन के नाम पर करोड़ों का संगठित फर्जीवाड़ा सामने आया है,जिसमें किसानों की कृषि भूमि को टुकड़ों में बांटकर गैरकानूनी तरीके से भोले-भाले लोगों को प्लॉट के नाम पर बेचा गया। शिकायतकर्ता ने राजस्व विभाग के कर्मचारी, उपपंजीयक, और पटवारी भी सीधे तौर पर संलिप्त होने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता सरिता देशमुख और जगदीश धोटे ने कलेक्टर, एसपी से की गई शिकायत में बताया कि कृषि भूमि को बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और रेरा की स्वीकृति के अवैध रूप से प्लॉट किया गया। पंजीयन के दौरान भूखंड क्रमांक तक नहीं दर्शाया गया, जिससे न कब्जा मिला, न नामांतरण हुआ। इसमें अनावेदक दिलीप पोटफोड़े ने मुख्य भूमिका निभाई, जो रजिस्ट्री में गवाह भी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पटवारी ने 10 हजार रिश्वत मांगी, 1700 पहले ही लिए जा चुके थे। रिश्वत न देने पर भू-अभिलेखों में जानबूझकर गड़बड़ी की गई और पीड़ितों को धमकाया गया। शिकायत आवेदन में आरोप लगाए की उपपंजीयक ने भी बगैर वैध प्लॉट नंबर और अनुमति के भूमि विक्रय दस्तावेज़ों को पास किया। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।
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