दिव्यांग की जमीन पर कब्जा कर बना रहे मकान

अस्थाई स्थगन आदेश के बावजूद नहीं रुके अनावेदक

Betul Mirror News। भैंसदेही तहसील के ग्राम जागझिरी निवासी गुलाब पिता रोन्या ने आरोप लगाया है कि उसकी निजी भूमि पर जामझिरी गांव के तीन लोगों द्वारा जबरन मकान निर्माण किया जा रहा है। गुलाब ने इसको लेकर कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत करते हुए मांग की है कि जब तक उसकी भूमि का सीमांकन नहीं हो जाता, तब तक अनावेदक दयालाल, सुभाष और सतीष को निर्माण कार्य से रोका जाए। गुलाब ने आवेदन में बताया है कि उसके नाम से राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 297/1, रकबा 0.549 हेक्टेयर भूमि ग्राम जामझिरी, तहसील भैंसदेही में दर्ज है और वह इस भूमि का वैध भूमिस्वामी है। उसने बताया कि वह शारीरिक रूप से विकलांग है, जिसका फायदा उठाते हुए अनावेदकों द्वारा उसकी भूमि पर जबरन मकान निर्माण कार्य किया जा रहा है। गुलाब के अनुसार, पहले भी उसने इस मामले में आवेदन देकर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की थी, जिस पर प्रशासन द्वारा 2 मई 2025 को अस्थाई स्थगन आदेश जारी किया गया था। लेकिन बीमारी के चलते वह नियत तारीख को न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाया, जिससे 5 जून 2025 को स्थगन आदेश समाप्त कर दिया गया और मामला बंद कर दिया गया। इसका लाभ उठाते हुए अनावेदकों ने फिर से निर्माण शुरू कर दिया है। उसने बताया कि वर्तमान में तेज़ी से मजदूर लगाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर लोहा, गिट्टी, सीमेंट पहुंचा दिया गया है और कॉलम भी खड़े कर दिए गए हैं। यदि अब भी निर्माण कार्य नहीं रुका, तो मकान पूरा खड़ा हो जाएगा और उसे लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझना पड़ेगा। गुलाब ने बताया कि उसने अपनी भूमि की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीमांकन हेतु आवेदन किया है, जिससे यह साबित हो सके कि निर्माण उसकी निजी भूमि पर ही हो रहा है। इससे पहले भी सीमांकन करने पहुंचे अमले को अनावेदकों ने सीमांकन नहीं करने दिया था। पीड़ित गुलाब ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक सीमांकन प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक अनावेदकों को अस्थाई रूप से निर्माण कार्य से रोका जाए ताकि न्याय हो सके। उसने यह भी कहा कि उसने एसडीएम को भी आवेदन दिया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गुलाब ने बताया कि खसरा नंबर 297/1 उसकी निजी भूमि है और उसमें जबरन निर्माण किया जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध है।
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