नियमों की धज्जियां उड़ाकर शिक्षक को निजी स्वार्थ के लिए किया अटैच
ग्रामीण बोले- हमारे बच्चों का भविष्य दाव पर लगा रहे अफसर
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News/ शाहपुर ब्लॉक ग्राम टांगना रैयत की प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक अमरनाथ यादव को नियमों के खिलाफ अटैचमेंट के जरिए दूसरे स्कूल भेजकर वहां के बच्चों का भविष्य दांव पर लगा दिया गया। ग्रामीणों की सहमति और पंचायत की स्वीकृति के बिना महज व्यक्तिगत कारणों से अमरनाथ यादव को सेमरपुरा प्राथमिक स्कूल में अटैच कर दिया गया। ग्रामीणों ने सामूहिक पंचनामा बनाकर शिक्षक अमरनाथ यादव को स्थायी रूप से टांगना रैयत स्कूल में पदस्थ करने की मांग की है।
पंचायत बैठक में ग्रामीणों ने प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट किया कि अमरनाथ यादव की सेवाएं सेमलपुरा में नहीं टांगना रैयत में ही ली जाएं। ग्रामीणों ने बताया कि सेमलपुरा शाला पहले से ही शिक्षक विहीन थी, जहां श्री यादव को भेजा गया। पंचायत ने स्पष्ट कहा कि उक्त शिक्षक को ट्रांसफर किया जाए, न कि अटैचमेंट के नाम पर जबरन व्यवस्था को बिगाड़ा जाए। गांव के 30 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर दस्तावेजी पंचनामा तैयार किया और विरोध जताया है। पंचनामा में स्पष्ट उल्लेख है कि बिना पंचायत की बैठक और पारित प्रस्ताव के यह अटैचमेंट अमान्य है।
स्कूल में एक भी अतिथि शिक्षक नहीं, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
ग्रामीणों ने बैठक कर स्पष्ट किया कि टांगना रैयत की प्राथमिक शाला में पहले से ही स्टाफ की कमी है। ऐसे में एकमात्र स्थायी शिक्षक को अटैच करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ कि यदि शिक्षक को वापस नहीं भेजा गया तो स्कूल में ताला जड़ने पर विवश होना पड़ेगा।
प्रशासन की चुप्पी से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी जानबूझकर शिकायतों की अनदेखी कर रहे हैं और शिक्षक की व्यक्तिगत सिफारिश पर ही अटैचमेंट जारी किया गया है। नियमों के तहत यदि किसी स्कूल में पदस्थ शिक्षक की आवश्यकता नहीं है तभी अटैचमेंट संभव है। लेकिन टांगना रैयत में शिक्षक की कमी होते हुए भी यह आदेश जारी करना साफ दर्शाता है कि मामला पूरी तरह से व्यक्तिगत हित से जुड़ा है।
जिम्मेदारों को नहीं बख्शेंगे ग्रामीण
ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द ही शिक्षक को वापस नहीं भेजा गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूल की तालाबंदी से लेकर जिला शिक्षा कार्यालय तक घेराव की योजना बनाई जा रही है।
