बघोली के ग्रामीणों ने सरपंच पर लगाया मनरेगा की राशि हड़पने का आरोप

बिना काम निकाली लाखों की राशि, जेसीबी से खोदे गए तालाब, मजदूरों को नहीं मिला काम

मनरेगा घोटाला: पंचायत ने बिना बताए हितग्राहियों के नाम से निकाल ली राशि ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

SAMACHAR NEWS/ ग्राम पंचायत बघोली में मनरेगा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितता को लेकर समस्त ग्रामवासियों ने कलेक्टर बैतूल को शिकायती आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत ने नए वित्तीय वर्ष में किसी भी मनरेगा मजदूर को कार्य पर नहीं लगाया, फिर भी लाखों की राशि आहरित कर ली गई।ग्रामवासियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बघोली पंचायत अंतर्गत खसरा नंबर 346 में बोल्डर चेक डेम निर्माण कार्य दर्शाया गया, जिसकी कुल राशि 3.61 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्य में कोई निर्माण नहीं हुआ, लेकिन संपूर्ण राशि निकाल ली गई। जनपद पंचायत द्वारा की गई जांच में भी यह स्पष्ट हुआ है कि जिस खसरे में कार्य बताया गया है, वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इसी प्रकार खेत तालाब निर्माण कार्य की राशि भी फर्जी तरीके से हड़प ली गई। पंडरी/रामा के नाम से 3.41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए पर तालाब उनके खेत में नहीं बनाकर अजय/नाथूराम और चेतन/बलवत के खेत में जेसीबी मशीन से खोदा गया। विशेष बात यह है कि जिस स्थान पर तालाब खोदा गया है, वहां पहले से ही राजीव गांधी जलग्रहण मिशन के तहत तालाब बना हुआ था।

फर्जी मजदूरों के खाते में डाली राशि

इसी प्रकार 3.66 लाख रुपये की राशि कृष्णा/रामा के नाम से निकाली गई, जबकि कार्य हेमंत/गणपति डांगे के खेत में कराया गया और वह भी जेसीबी मशीन से खोदा गया। मजदूरों की उपस्थिति नहीं दर्शाई गई और ना ही किसी को काम पर रखा गया। ग्राम बघोली और लोहारिया में तीन हितग्राहियों – कमला/फूल्लू, पुंज्या/बाबू और नारायण/माधो

 के नाम पर जेजीएसए रिचार्ज स्ट्रक्चर निर्माण के लिए 32

हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इन हितग्राहियों को इस निर्माण की जानकारी तक नहीं दी गई, और पंचायत ने पूरी राशि स्वयं ही निकाल ली। यह कार्य भी जेसीबी से करवाया गया और मजदूरी की राशि कुछ लोगों के खातों में डालकर बाद में उनसे जबरन वापस वसूल ली गई।

नल-जल योजना की मोटर और पाइप निकाल कर सरपंच के घर निर्माण में उपयोग

सबसे गंभीर आरोप पंचायत द्वारा नल-जल योजना की मोटर और पाइप निकाल कर सरपंच के घर निर्माण में उपयोग करने का है। गांव के तीन हैंडपंप – पीपल ढाना (रमेश काकोड़िया के घर के पास), टंकी के पास, और पंचायत भवन के सामने

 को भी हटाकर उनके पाइप सरपंच के निजी मकान में

लगाए गए हैं। विगत तीन वर्षों से गांव में नल-जल के नाम पर राशि वसूली जा रही है, लेकिन वह राशि न तो पंचायत खाते में जमा की गई और न हीं कोई बिल प्रस्तुत किया गया। इन सभी गंभीर मामलों को लेकर ग्रामवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि उक्त प्रकरणों की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, एवं मनरेगा योजना के तहत वास्तविक मजदूरों को रोजगार का लाभ मिले। ज्ञापन देने वालों में ग्रामीण हेमंत कुमार डांगे, कृष्णा कनाठे, राहुल, प्रकाश भोपते, रूपेश मगरदे, कैलाश डांगे शिवनारायण, खुशयाल, विजय कुमार सहित अनेक ग्रामीण शामिल थे।

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