विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर कार्यशाला आयोजित, नशा मुक्ति की ली शपथ

Betul Mirror News। सतपुड़ा एकीकृत ग्रामीण विकास संस्था शिरडी व माई भारत बैतूल द्वारा स्वामी विवेकानंद सभागार में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सुश्री रोशनी वर्मा, रूप सेसिविल सर्जन जिला चिकित्सालय डॉ.जगदीश घोरे, डॉ.रानू वर्मा, श्री मधुकर साबले उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की छाया प्रति के समक्ष दीप प्रजवल कर किया गया। इस अवसर पर संस्था प्रमुख डॉ. उपमा दीवान ने बताया कि संस्था द्वारा निरंतर नशा से मुक्त समाज बनाने की पहल शासन-प्रशासन के सहयोग से ग्रामीण अंचलों में की जाती है, जिसका उदाहरण कहीं ना कहीं आज देखने को भी मिल रहा है। इस अवसर पर डॉ.रानू वर्मा ने नशा से होने वाले विभिन्न बीमारियों से अवगत कराया और कहा कि सभी की विशेष जिम्मेदारी है कि आज समाज को नशे से दूर रखने में अहम भूमिका निभाने की आवश्यकता है।

तम्बाकू जैसी नशीली पदार्थ से बढ़ रही कैंसर महामारी

सिविल सर्जन डॉ.घोरे ने कहा कि आज कैंसर जैसी महामारी कहीं ना कहीं तम्बाकू जैसी नशीली पदार्थ से हो रही है और जो एक जानलेवा बन चुका है । इसकी चिंता हम सबको करने की आज विशेष आवश्यकता है व शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन जागृति जानकारी से अवगत कराया। वहीं उपसंचालक सामाजिक न्याय द्वारा बताया गया कि इस वर्ष 2025 के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम “झूठ को उजागर करना और जीवन की रक्षा करना : तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की अपील को उजागर करना” रखी गई है उन्होंने नशे से दूर रहने की हिदायत देते हुए कहा कि सभी जो कि समाज सुधार के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं ऐसी सभी संस्थाओं को विशेष तौर पर आगे आने की आवश्यकता है, क्योंकि यह जान लिया बीमारी हर घर बल्कि हर एक व्यक्ति तक पहुंच चुकी है। इसलिए हम सभी को इसकी चिंता करने की विशेष आवश्यकता है।

नशा मुक्ति की शपथ ली

सामूहिक तौर पर नशा मुक्ति की शपथ ली गई व नारो के साथ में बड़ी संख्या में विभिन्न चौक से रैली भी निकली गई। इस अवसर पर मधुकर सांबले ने सामाजिकता पर विशेष अपील की है कि हम सभी के सहयोग से समाज को नशा से दूर करने के क्षेत्र में कार्य कर सकते हैं। इसके लिए हम सभी को जागरुक होकर इस क्षेत्र में कार्य करने की आवश्यकता है। डॉ.सुखदेव डोंगरे, रेखा गुजरे, विनय डोंगरे, शैलेंद्र बिहारिया, पंजाब राव गायकवाड़, संजय शुक्ला, रामनारायण शुक्ला अनारकली तुमडाम, राधेलाल बनखेड़े, श्रीमती हेमा सिंह चौहान, वंदना शुक्ला, मलूक चंद पवार, हुकुमचंद कालभोर, तूलिका पचोली,  तिलक गायकवाड, आशीष पोकने, श्रीमती मीरा सलामे, रवि शंकर चावरे, राकेश मन्यासे, श्वेता देशमुख, तरुण साहू, लक्ष्मी धुर्वे उपस्थित थीं।

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