Betul Ki Khabar: सरकार की लचर रवैया और मिलीभगत से मजदूरों का न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण फिर टला

Betul Ki Khabar: Due to the poor attitude and connivance of the government, the minimum wage revision of workers was postponed again.

Betul Ki Khabar: बैतूल। मध्यप्रदेश में न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण के मामले में प्रदेश की भाजपा सरकार की लचर रवैया और कारखाना मालिकों से मिलीभगत के कारण एक बार फिर मजदूरों के अधिकारों पर संकट गहरा गया है। हाईकोर्ट की इन्दौर खंडपीठ द्वारा दिए गए स्थगन के आदेश के मामले में 1 जुलाई को हुई सुनवाई में सरकारी वकील ने जवाब प्रस्तुत करने के नाम पर न्यायालय से समय मांगा, जिससे सुनवाई पुनः 22 जुलाई के लिए टाल दी गई।

सीटू के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड रामविलास गोस्वामी और महासचिव कामरेड प्रमोद प्रधान ने कहा कि राज्य सरकार की कारखाना मालिकों से मिलीभगत और टालमटोल का रवैया अपनाकर 25 लाख से अधिक प्रदेश के श्रमिकों और संविदा कर्मियों के अधिकारों और उनके परिवारों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है।

Betul Ki Khabar: सरकार की लचर रवैया और मिलीभगत से मजदूरों का न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण फिर टला

सीटू के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कामरेड कुन्दन राजपाल ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 7 मई को न्यायालय द्वारा जारी स्थगन आदेश के बाद पिछली पेशी 21 मई को हुई थी, तब कारखाना मालिकों ने नए आवेदन लगाकर पेशी आगे बढ़वा दी। सीटू नेताओं ने कहा कि सरकार ने लगभग दो माह की अवधि में भी न्यायालय में अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया, जिससे सरकार की मंशा स्पष्ट हो जाती है।सीटू के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कामरेड कुन्दन राजपाल ने कहा कि मजदूरों के वैधानिक अधिकारों की लड़ाई में यदि सर्वोच्च न्यायालय तक भी जाना पड़ेगा तो सीटू जाएगी।

सीटू कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मजदूरों के हितों की रक्षा हेतु सीटू मैदानी और कानूनी लड़ाई मुस्तैदी के साथ लड़ रही है। इस प्रकरण में सीटू की राज्य समिति की ओर से महासचिव कामरेड प्रमोद प्रधान द्वारा हस्ताक्षेपकर्ता याचिका क्रमांक 5391/24 शामिल की गई है। (Betul Ki Khabar)

सीटू ने राज्य सरकार पर प्रभावी कदम उठाने के लिए दबाव बनाने हेतु प्रदेश स्तर पर 28 जून को प्रदेशभर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। (Betul Ki Khabar)

सीटू के संयोजक कामरेड डी के दत्ता, उपसंयोजक कामरेड कुन्दन राजपाल, लाल झंडा कोल माइन्स पाथाखेडा के अध्यक्ष कामरेड जगदीश डिगरसे, महासचिव गणेश गुजरे, एम आर यूनियन के उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर, सचिव पंकज साहू, कोषाध्यक्ष द्विवेश शुक्ला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन सीटू की जिला अध्यक्ष सुनीता राजपाल, महासचिव पुष्पा वाईकर, कोषाध्यक्ष संगीता कनाठे, ऑटो चालक एकता के अध्यक्ष मनोहर आठनकर, कार्यकारिणी अध्यक्ष अमित तिवारी, महासचिव शेख वकील, उपाध्यक्ष रसीद खान ने राज्य सरकार के इस रवैये की निंदा करते हुए श्रमिकों, मजदूरों, और संविदा कर्मियों को अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की है। (Betul Ki Khabar)

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