Betul Ki Taza News: उद्यानिकी फसलों की पैदावार से किसान ले दोगुना मुनाफा : कलेक्टर श्री सूर्यवंशी
Betul Ki Taza News: Farmers get double profit from the production of horticulture crops: Collector Shri Suryavanshi
| |
Betul Ki Taza News: कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि किसान उद्यानिकी फसलों की पैदावार से दोगुना मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने उद्यानिकी खेती से किसानों को जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों को सब्सिडी भी प्रदान की है। इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक उद्यानिकी उत्पादक किसानों को दिलाए जाने के लिए मैदानी अमले को निर्देशित किया गया है। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए के लिए किसानों को mpfsts.mp.gov.in मप्र फार्मर सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम पर पंजीयन कराना होगा।
लॉटरी से मिलेगा सब्सिडी का लाभ (Betul Ki Taza News)
राज्य शासन द्वारा उद्यानिकी खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं में उद्यानिकी खेती करने के लिए किसानों को सब्सिडी दिए जाने का निर्णय लिया गया है। उद्यानिकी के उप संचालक ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण की मंशा अनुसार वर्ष 2024-25 हेतु बैतूल जिले के लिये लक्ष्यों का निर्धारण किया गया है। जिले के उद्यानिकी उत्पादक किसानों को विभिन्न योजना घटकों में प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति हेतु मैदानी अमले द्वारा योजनाओं का लाभ हितग्राही तक पहुंचाने के लिए किसानों को योजनाओं के बारे में अवगत कराया जा रहा है। सब्सिडी के लिए पोर्टल में किसानों का पंजीयन कार्य प्रारंभ है। पोर्टल पर पंजीयन कराने वालों में से लॉटरी के माध्यम से उन किसानों को चुना जाएगा, जिन्हें सब्सिडी दी जानी है। (Betul Ki Taza News)
- यह भी पढ़ें : Betul News: घोघरी जलाशय सिंचाई योजना में चूक: छाता ग्राम के किसानों को नहीं मिल रहा लाभ
उद्यानिकी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने दी जाएगी। योजनाओं का क्रियान्वयन मप्र फॉर्मर सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम (एमपीएफएसटीएस) पोर्टल में पंजीयन से ही किया जाता है। पंजीयन के लिए पोर्टल पर लॉग इन कर कृषक पंजीयन के बाद योजना में आवेदन कर संचालनालय द्वारा लॉटरी में चयनित कृषक शासन के मार्गदर्शी निर्देश एवं प्रावधान अनुसार लाभ दिया जाएगा। इस पोर्टल में पंजीयन कराने वाले किसानों को फसल उत्पादन, प्रसंस्करण, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, सिंचाई, यांत्रिकरण, क्षेत्र विस्तार आदि के उपयोग में आने वाले उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है। किसानों को डेढ़ लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल जाती है। (Betul Ki Taza News)
- यह भी पढ़ें : Government Scheme: मक्का उत्पादक किसानों की लगी लॉटरी, बिहार सरकार के इस योजना से होगी जबरदस्त कमाई, जाने कैसे
योजनाएं (Betul Ki Taza News)
ग्रेजुएशन द्वारा संचालित योजनाएं जैसे- फल क्षेत्र विस्तार संतरा, मसाला क्षेत्र विस्तार-हल्दी, अदरक, धनिया, एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना-फल क्षेत्र विस्तार-आम, काजू, सब्जी क्षेत्र विस्तार, खरीफ प्याज, मसाला क्षेत्र विस्तार, पुष्प क्षेत्र विस्तार, जैविक खेती-वर्मी खाद इकाई, फसलोपरांत प्रबंधन-पैक हाउस, संरक्षित खेती-प्लास्टिक मल्चिंग, शेडनेट हाउस, उच्च कोटि की सब्जियों की खेती, उद्यानिकी यंत्रीकरण, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-ड्रिप, मिनी/माइक्रो स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर में आवेदन कर योजना का लाभ लिए जाने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक कृषक अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी एवं क्षेत्र के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर योजना में लाभान्वित हो सकते है। (Betul Ki Taza News)
