Betul Samachar: उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगी फसल बीमा राशि
Betul Samachar: Big decision of Consumer Commission, farmers will get crop insurance amount
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Betul Samachar: बैतूल। उपभोक्ता आयोग बैतूल ने किसानों की फसल बीमा राशि को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आयोग के अध्यक्ष/न्यायाधीश विजय कुमार पाण्डेय और सदस्य चन्द्रशेखर माकोड़े ने आदेश दिया है कि सेन्ट्रल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एस.बी.आई.) द्वारा किसानों को फसल बीमा राशि दी जाएगी, जो बैंक की त्रुटियों के कारण अब तक वंचित रह गए थे।
भारतीय स्टेट बैंक भैंसदेही द्वारा ग्राम चिचोलीढाना और मालेगांव के किसानों की गलत जानकारी दर्ज करने और सेन्ट्रल बैंक बिसनुर द्वारा किसानों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं करने के कारण कई किसान फसल बीमा राशि से वंचित रह गए थे। एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि भैंसदेही तहसील के ग्राम मालेगांव के किसान दादू आ. सीताराम के मामले में बैंक ने किसान का पटवारी हल्का नंबर 59 और 67 को बदलकर 45 कर दिया था और तहसील भी बदल दी थी।
आयोग के निर्देश
आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि बीमा कंपनी बैंक द्वारा प्रस्तुत सभी घोषणाओं, जिनमें फसल क्षेत्र, बीमाकृत राशि आदि के ब्योरों का उल्लेख हो, को स्वीकार करेगी। बैंक अपने अभिलेखों और त्रुटियों की जांच कर उन्हें तत्काल बीमा कंपनी की जानकारी में लाएंगे। 15 दिनों के भीतर बैंकों से कोई जवाब न मिलने पर पावती में प्रस्तुत ब्योरों को अंतिम माना जाएगा और बाद में उनमें कोई भी परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा।
किसानों को मिलने वाली राशि
आदेश के अनुसार, मालेगांव के किसान दादू आ. सीताराम को 1,47,216/- रुपये, चिचोलीढाना के किसान शिवकिशोर आ. सुरेश किरार को 32,760/- रुपये, नांदकुड़ी के किसान अंकित आ. राजू मायवाड़ को 41,058/- रुपये, बिसनुर के किसान भीमराव आ. केशवराव धोटे को 31,809/- रुपये, अनिल पिता नथ्या धोटे को 53,658/- रुपये और देवमन आ. नत्थू साहू को 74,341/- रुपये की बीमा राशि मिलेगी। इसमें वाद व्यय और मानसिक संत्रास की राशि भी सम्मिलित है। यदि 1 माह में भुगतान नहीं किया गया, तो 6 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा।
किसानों के लिए राहत
यह आदेश किसानों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है, जो बैंक की गलतियों के कारण फसल बीमा राशि से वंचित रह गए थे। उपभोक्ता आयोग का यह फैसला किसानों के हित में महत्वपूर्ण साबित होगा और उन्हें उनके हक की राशि मिल सकेगी।
