जंगल सत्याग्रह के महानायक सरदार गंजनसिंह कोरकू की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब

मध्यप्रदेश की किताबों में सरदार गंजनसिंह का इतिहास शामिल करने की मांग

जिला अस्पताल का नाम बदलने की मांग फिर हुई बुलंद, 2018 के वादे को याद दिलाया
गडली नृत्य की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध हुए लोग, आदिवासी संस्कृति की झलक दिखी

DAILY NEWS/ मध्य भारत के एकमात्र जंगल सत्याग्रह आंदोलन के महानायक आदिवासी योद्धा सरदार गंजनसिंह कोरकू की जयंती एवं सांस्कृतिक महारैली का आयोजन जोहार मिशन ट्राइबल-5 जिला बैतूल के तत्वावधान में किया गया। यह आयोजन जिला मुख्यालय पर स्थित शहीद भवन मुठवा धाम में हुआ।

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आयोजन की शुरुआत सरदार गंजनसिंह कोरकू के छायाचित्र पर पूजा-पाठ व माल्यार्पण के साथ की गई। इसके पश्चात एक भव्य सांस्कृतिक महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें आदिवासी समाज के हजारों लोग शामिल हुए। रैली शहीद भवन से प्रारंभ होकर सबसे पहले रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थल पहुंची, जहां माल्यार्पण किया गया।

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इसके बाद रैली भगतसिंह चौक, कारगिल चौक होते हुए भीमराव अंबेडकर चौक पहुंची, जहां डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और जय भीम के नारों से वातावरण गूंज उठा। रैली जब जिला अस्पताल पहुंची, तो समाजजनों ने पुनः वर्ष 2018 में दिए गए आश्वासन की याद दिलाते हुए मांग की कि जिला अस्पताल का नाम सरदार गंजनसिंह कोरकू के नाम पर किया जाए। जनसैलाब ने इस मांग को लेकर नारेबाजी की और शासन से मांग की कि इस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को उनका उचित स्थान और सम्मान दिया जाए।

पाठ्यपुस्तकों में सम्मिलित किया जाए सरदार गंजनसिंह का इतिहास

आयोजन के समापन अवसर पर एकत्रित समाजजनों ने यह मांग भी की कि सरदार गंजनसिंह कोरकू का इतिहास मध्यप्रदेश की शालेय पाठ्यपुस्तकों में सम्मिलित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से परिचित हो सकें। सांस्कृतिक महारैली में जिले की प्रसिद्ध पारंपरिक गडली नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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इस दौरान जिले के अलावा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों से भी समाजसेवी, वरिष्ठ नागरिक, कलाकार और समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन के दौरान सरदार गंजनसिंह कोरकू के जीवन संघर्ष, जंगल सत्याग्रह में उनके योगदान, संविधानिक अधिकारों की रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, नशामुक्ति, संस्कृति एवं एकता जैसे विषयों पर वक्ताओं ने विस्तार से संबोधन दिया।

आयोजन में जोहार मिशन ट्राइबल-5 की रही महत्वपूर्ण भूमिका

आयोजन के अंत में जोहार मिशन ट्राइबल-5 बैतूल की टीम द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों, समाजजनों, कलाकारों, युवाओं का आभार प्रकट किया गया और यह संदेश दिया गया कि सरदार गंजनसिंह कोरकू का जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भी अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़ा हुआ जा सकता है।

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इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि हम उनके योगदान को कभी नहीं भूलेंगे और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए अपने समाज को आगे बढ़ाएंगे।

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